वकील बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करना चाहिए

वकील बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करना चाहिए:- दोस्तों भी अगर अभी 12th पास करने के बाद वकील बनना चाहते हैं और प्रति महा अच्छा खासा वेतन कमाना चाहते हैं तो मेरे साथ इस लेख में बने रहिएगा क्योंकि आज हम वकील बनने के बारे में आपको पूरी जानकारी देंगे और साथ ही बताएंगे कि वकील का क्या काम होता है इन्हें वेतन कितना मिलता है इसके लिए कितनी पढ़ाई करनी होती है.

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आयु सीमा कितनी होनी चाहिए इसके लिए भर्ती प्रक्रिया क्या होती है उसका परिक्षा कैसे होगा सिलेबस क्या होगा आदि सभी टॉपिक पर हम विस्तार से बात करेंगे तो दोस्तों वकील जिसे इंग्लिश में हम Advocate और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर बोलते हैं

वकील बनने के बाद क्या करना होता है :- Short Work

वकील के कार्यों की बात करे तो वह किसी मुकदमे में पुलिस द्वारा जारी की गई चार्ज शीट का विश्लेषण करना और फिर कोर्ट में सभी गवाहों और सबूत को न्यायाधीश के सामने पेश करना कोर्ट में State Government का बचाव करना इसके साथ ही गवर्नमेंट मेंबर्स को टैक्स एनवायरमेंट जस्टिस आदि के बारे में कानूनी सलाह देना उनकी मदद करना कानूनी दस्तावेज लिखना सरकार को National और International मीटिंग में रिप्रेजेंट करना आदि इस तरह के कार्य वकील को करने होते हैं.

अब बात करें वेतन की तो इन्हें प्रतिमा 45000 से 55000 के लगभग वेतन मिलता है और यह अलग-अलग राज्यों में काम या ज्यादा भी हो सकता है.

वकील कितने प्रकार के होते है आपको पता भी है ये जान लीजिए

वकील बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करना चाहिए

दोस्तों आप जानते हैं कि एडवोकेट कौन होता है जहां तक एक एडवोकेट की बात है तो यह किसी भी विवाद होने की स्थिति में कोर्ट रूम में अपने क्लाइंट की तरफ से जज के सामने तरह-तरह की डाली रखने का अधिकार रखता है एक एडवोकेट अपने करियर की शुरुआत में लॉयर ही होता है लेकिन बार काउंसिल आफ इंडिया की तरफ से होने वाले एक एग्जाम को पास करने वाला लाइसेंस लेने के बाद वह एडवोकेट बन सकता है.

जिसके बाद वह कोर्ट में प्रेक्टिस करने के लिए एलिजिबल होता है भारत में कुछ नाम चिन्ह वकीलों की बात की जाए तो उन्हें सबसे पहला नाम आता है राम जेठमलानी का जो फिलहाल दुनिया में मौजूद नहीं है लेकिन वह संजय दत्त राजीव गांधी से लेकर इंदिरा गांधी तक बड़े-बड़े लोगों की तरफ से भी वकालत कर चुके हैं.

उनके बारे में कहा जाता था कि कोर्ट में सिर्फ एक Case हायरिंग के लिए 25 लख रुपए लेते थे और हरीश साल्वे महंगे वकीलों की इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर आते हैं वह किसी भी मुद्दे पर विभाग राय रखने के लिए भी जाने जाते हैं हरि साल्वे 1999 से लेकर 2002 के बीच सरकार के लिए सॉलीसीटर जनरल की भूमिका भी निभा चुके हैं उनके बारे में कहा जाता है कि वह हर Case की सुनवाई के लिए 25 से 30 लख रुपए लेते हैं.

यह तो अपने जाने उन एडवोकेट के नाम जिन्हें अपने नाम से ही देश भर में पहचाना जाता है आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एडवोकेट भी कई तरह के होते हैं चलिए सबसे पहले जानते हैं सीनियर एडवोकेट कौन होता है एक सीनियर एडवोकेट वो होता है जो हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करता है.

वकील बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करना चाहिए :- Experience

इतना ही नहीं ऐसे वकीलों के पास देश की किसी भी कोर्ट का काम से कम 10 साल से ज्यादा प्रैक्टिस एक्सपीरियंस होता है हालांकि एक सीनियर एडवोकेट का पद सिर्फ प्रेक्टिस करने से ही नहीं बल्कि अपने हार और जीत के ट्रैक रिकार्ड को देखते हुए भी मिलता है एक सीनियर एडवोकेट बनने के बाद कोर्ट में पहनने वाली यूनिफॉर्म से लेकर लड़ने वाले केस में मिलने वाली फीस तक सब कुछ बदल जाता है.कह सकते हैं कि सीनियर एडवोकेट बनने के लिए किसी डिग्री की नहीं बल्कि एक्सपीरियंस की जरूरत होती है.वकील बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करना चाहिए.

बता दे कि कांग्रेस नेता कपिल सबल भी आज सीनियर एडवोकेट की लिस्ट में शामिल है कि एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड क्या होता है क्या आप जानते हैं सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ एक एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड ही केस फाइल कर सकता है जैसा कि हर कोर्ट के अपने अलग-अलग नियम कायदे और कानून होते हैं इस तरह सुप्रीम कोर्ट के भी कुछ रूल्स होते हैं जिन्हें सभी को फॉलो करना बहुत जरूरी होता है.

वकील बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करना चाहिए

क्योंकि सुप्रीम कोर्ट देश की सबसे बड़ी न्यायपालिका है इसीलिए इसका समय बचाने और डेकोरेट मेंटेन करने के लिए ऐसा किया जाता है इसलिए जो लोग पहले से एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड में रजिस्टर होते हैं केवल वही लोग सुप्रीम कोर्ट में केस फाइल कर सकते हैं इससे जुड़ी एक और इंटरेस्टिंग बात आपको बताते चलें कि सिर्फ Case फाइल करने के लिए ही रिस्ट्रिक्शन होती है वहीं जब केस फाइल हो जाता है.

तो उसके बाद कोर्ट में होने वाली बहस को एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड के जूनियर भी कर सकते हैं अब सवाल आता है कि एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड कैसे बनते हैं इसके लिए आपको सुप्रीम कोर्ट की तरफ से होने वाले AOR नाम के टेस्ट के पास करना पड़ता है वहीं टेस्ट में Appear होने के लिए भी आपके पास किसी भी कोर्ट में कम से कम 4 साल प्रैक्टिस का और 1 साल किसी एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड के अंदर प्रैक्टिस का एक्सपीरियंस होना बहुत जरूरी होता है पैसे लीगल तौर पर और भी गई पावरफुल पद होते हैं.

आईए जानते हैं उनके बारे में सबसे पहले जानते हैं कि एडवोकेट जनरल किसे कहते हैं एडवोकेट जनरल एक बहुत ही बड़ा पद होता है.

जिसे स्टेट के गवर्नर द्वारा नियुक्त किया जाता है इस तरह संवैधानिक पद पर मौजूद इंसान यूं तो कई काम करता है लेकिन उसका सबसे जरूरी काम सरकार को जरूरत पड़ने पर कानूनी राय देना और राज्य से किसी का भी विवाद होने की स्थिति में कोर्ट में जाकर अपना कानूनी पक्ष रखना होता है इस तरह के एडवोकेट जनरल स्टेट को कानूनी तौर पर रिप्रेजेंट करने का काम करता है इसलिए उसे सीट का फर्स्ट लॉ ऑफीसर भी कहा जाता है.वकील बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करना चाहिए

अब आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अटॉर्नी जनरल का काम कानून से से जुड़े हुए किसी भी वाद विवाद की स्थिति में सेंट्रल गवर्नमेंट की तरफ से कोर्ट में अपना पक्ष रखना होता है इसीलिए इस पद पर नियुक्त व्यक्ति को देश का पहला Law ऑफीसर भी कहा जाता है जहां तक इसकी अपॉइंटमेंट की बात है तो यह देश के राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है इतना ही नहीं केंद्र सरकार को जब भी किसी लीगल एडवाइस की जरूरत पड़ती है तब सिर्फ अटॉर्नी जनरल को याद किया जाता है.

और अटर्नी जनरल के बाद अब बात करते हैं सॉलिसिटर जनरल कौन होता है और यह क्या काम करता है जहां तक सॉलिसिटर जनरल की बात है तो इस पर नियुक्त व्यक्ति को कंट्री के दूसरे लॉ ऑफिसर के नाम से भी जाना जाता है एक सॉलिसिटर जनरल का काम अटॉर्नी जनरल की लीगल वर्क में मदद करना होता है इसके अलावा भी एक ऐसी पोस्ट है जो एक एडवोकेट को चंद पलों के अंदर सुर्खियों में ला सकती है.

इसमें दो तरह के ऑप्शन होते हैं क्रिमिनल और सिविल सबसे पहले बात करते हैं क्रिमिनल की तो आपने देखा होगा कि जब दिल्ली में निर्भया के साथ एक शर्मनाक घटना को अंजाम दिया गया सब न्याय दिलाने के लिए वकील को विक्टिम की तरफ से कोर्ट में लड़ने के लिए कैसे दिया गया था उसे पब्लिक प्रॉसिक्यूटर कहा जाता है.

पब्लिक प्रॉसिक्यूटर एक ऐसा वकील होता है जिसे क्रिमिनल केसेस में स्टेट की तरफ से केस लड़ने के लिए पॉइंट किया जाता है वहीं एक पब्लिक प्रॉसिक्यूटर का काम तब शुरू होता है जब पुलिस अपनी इन्वेस्टिगेशन खत्म करने के बाद आरोपी के खिलाफ चार्ट शीट दर्ज कर देती है.

कानून में किसी इंसान के खिलाफ जब भी कोई क्राइम होता है तो यह मान लिया जाता है यह क्राइम सिर्फ इंसान के साथ ही नहीं बल्कि स्टेट के साथ भी हुआ है ऐसे में जब कोई ऐसी सिचुएशन होती है कि वह खुद से अपना वकील अफोर्ड नहीं कर सकता ऐसे में सरकार न्याय दिलाने के लिए कई बार अपनी तरफ से एडवोकेट नियुक्त करती है.

वकील बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करना चाहिए :- Course

दोस्तों इसके लिए Student का किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से LLB किया होना जरूरी होता है तो LLB का कोर्स 5 और 3 साल का होता है यानी अगर 12th के बाद आप BA LLB करते हो तो यह 5 साल का होगा और अगर ग्रेजुएशन करने के बाद यह कोर्स करते हो तो यह 3 साल का होगा तो दोस्तों कोई भी STUDENT वकील दो तरह से बन सकता है एक तो ACDC process के द्वारा और दूसरा APO EXAM एक्जाम के द्वारा तो दोस्तों सबसे पहले बात करते हैं.

APO एक्जाम के बारे में तो अगर आपने अपनी 12th पास कर ली है तो अब आपको इसके लिए BA LLB का कोर्स करना होगा जो की 5 साल का कोर्स होता है जिसके लिए आपको CLINT ENTRANCE एग्जाम देना होगा और कुछ यूनिवर्सिटी अपना अलग से भी एंट्रेंस एग्जाम कंडक्ट करवाती है जिसमें अच्छे नंबर लाकर आप एक अच्छे कॉलेज से अपनी BA LLB कंप्लीट कर सकते हैं और फिर BA LLB कंप्लीट होने के बाद आपको वकील बनने के लिए APO एक्जाम देना होगा.

इसके बारे में आगे हम बात करेंगे और दोस्तों BA LLB कोर्स की फीस अलग-अलग कॉलेज के हिसाब से अलग-अलग होती है यह 5 साल की फीस 5 लाख से आठ लाख रुपए के लगभग हो सकती है तो APO EXAM जिसका पूरा नाम होता है असिस्टेंट प्रॉसीक्यूशन ऑफीसर होता है दोस्तों यह एग्जाम हर राज्य में अलग-अलग होता है जिसे राज्य का लोक सेवा आयोग आयोजित करता है मध्य प्रदेश में यह एग्जाम ATPO के नाम से और राजस्थान में AP एग्जाम के नाम से भी होता है और बाकी ज्यादातर राज्यों में APO के नाम से जाना जाता है.वकील बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करना चाहिए

वकील बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करना चाहिए :- Age

दोस्तों इसी तरह अलग-अलग राज्यों के हिसाब से भर्ती प्रक्रिया में भी थोड़ा बहुत अंतर हो सकता है इसके लिए कैंडिडेट की आयु सीमा 21 से 40 साल के बीच में होनी चाहिए इसमें SC ST और OBC वालों को 5 साल की छूट भी मिलती है जिसके अनुसार SC ST OBC वाले कैंडिडेट की आयु सीमा 21 से 45 साल के बीच में होनी चाहिए.

वकील बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करना चाहिए :- भर्ती प्रक्रिया क्या होता है

दोस्तों इसकी भर्ती प्रक्रिया में सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा होती है फिर मुख्य परीक्षा और फिर इंटरव्यू लिया जाता है प्रारंभिक परीक्षा में एक पेपर होता है यह 150 नंबर का होता है जिसे दो Part में डिवाइड किया होता है पार्ट वन में जनरल नॉलेज के 50 नंबर के 50 प्रश्न पूछे जाएंगे और दूसरे पार्ट में ACT और LAW के 100 नंबर के 100 प्रश्न पूछे जाते हैं इसमें 1/3 नेगेटिव मार्किंग होती है और सभी बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं.

जिसके बाद मुख्य परीक्षा में 400 नंबर के चार पेपर होंगे जिसमें प्रत्येक पेपर 100 नंबर का होगा और इसमें तीन-तीन घंटे का समय दिया जाएगा यह लिखित पेपर होते हैं जिसमें जनरल नॉलेज जनरल हिंदी क्रिमिनल लॉ एंड प्रोसीजर एविडेंस को विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे.

वकील बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करना चाहिए :- Compulsery Subject Read Now

दोस्तों जनरल नॉलेज के सिलेबस में इंडियन कल्चर एनवायरमेंट बॉटनी इंडियन इकोनामी जूलॉजी बेसिक जीके इंडियन पॉलिटिक्स बेसिक कंप्यूटर फेमस डी एंड डेट्स केमिस्ट्री इंडियन हिस्ट्री जियोग्राफी फिजिक्स इन्वेंशन इन द वर्ल्ड फेमस बुक्स एंड ऑथर भारत इंडियन पार्लियामेंट आदि से प्रश्न पूछे जाएंगे.वकील बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करना चाहिए.

Act और Lawcase सिलेबस में इंडियन पेनल कोड इंडियन एविडेंस एक्ट क्रिमिनल प्रोसीजर कोड पुलिस एक्ट एंड रेगुलेशन अंडर थिस एक्ट आदि विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे

और General हिंदी के सिलेबस में वाक्य सुधार संध्या कारक विलोम रस अलंकार वाक्यांशों के लिए शब्द निर्माण वर्तनी वचन पर्यायवाची तत्सम एवं तद्भव वाक्य संशोधन लोकोक्तियां एवं मुहावरे त्रुटि से संबंधित अनेकार्थी शब्द आदि से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे.

प्रोसीजर के सिलेबस में जनरल एक्सेप्शन जॉइंट एंड कंस्ट्रक्टिव लायबिलिटी क्रिमिनल कंस्पायरेसी ऑफेंस अगेंस्ट पब्लिक ट्रेंकुलिटी ऑफेंस अगेंस्ट वूमेन बॉडी ऑफेंस अगेंस्ट वूमेन ऑफेंस अगेंस्ट प्रॉपर्टी कॉन्स्टिट्यूशन मेंटेनेंस ऑफ़ पब्लिक ऑर्डर एंड पब्लिक ट्रेंकुलिटी ट्रायल और पावर्स फंक्शन एंड ड्यूटीज ऑफ़ वेरियस पुलिस ऑफीसर अंडर थे पुलिस एक्ट आदि से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे.

Evidance Law के सिलेबस में रेलीवेंसी आफ फैक्ट एडमिशन एंड कन्वेंशन डाईंग डिक्लेरेशन लोक और डॉक्युमेंट्री एविडेंस एक्सक्लूजन का लोक में डॉक्युमेंट्री एग्जामिनेशन आदि से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे फिर एग्जाम क्लियर करने के बाद कैंडिडेट को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है.

निष्कर्ष

दोस्तों हमने इस आर्टिकल के माध्यम से यह बताने के कोशिश किए है की वकील बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करना चाहिए मुझे आशा है ये मेरी लेखनी अच्छा लगा होगा और साथ में उपयोगी साबित हुआ होगा.वकील बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करना चाहिए इसको पढ़ने के लिए धन्यवाद.

क्या मैं 12वीं के बाद वकील बन सकता हूं?

Yes किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से LLB किया होना जरूरी होता है तो LLB का कोर्स 5 और 3 साल का होता है यानी अगर 12th के बाद आप BA LLB करते हो तो यह 5 साल का होगा और अगर ग्रेजुएशन करने के बाद यह कोर्स करते हो तो यह 3 साल का होगा .

12वीं के बाद वकील बनने में कितना टाइम लगता है?

12th के बाद आप BA LLB करते हो तो यह 5 साल का होगा और अगर ग्रेजुएशन करने के बाद यह कोर्स करते हो तो यह 3 साल का होगा .सभी लेकर 5 साल लग जायेगा.

कितनी उम्र तक वकील बन सकते हैं?

आयु सीमा 21 से 40 साल के बीच में होनी चाहिए इसमें SC ST और OBC वालों को 5 साल की छूट भी मिलती है जिसके अनुसार SC ST OBC वाले कैंडिडेट की आयु सीमा 21 से 45 साल के बीच में होनी चाहिए.

12वीं के बाद एलएलबी कितने साल की होती है?

12th के बाद आप BA LLB करते हो तो यह 5 साल का होगा.

वकील को हिंदी भाषा में क्या कहते हैं?

वकील को हिंदी भाषा में अधिवक्ता, अभिभाषक या वकील कहते हैं

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